आज शुक्रवार है, हिन्दुओं में महालक्ष्मी का दिन और मुस्लिम भाईयों का जुम्मा। यदि देखें तो मूल में हर धर्म के सिद्धांत एक ही बात कहते हैं। तो फिर झगड़ा है कहां, जवाब है नेताओं में
ओ! मस्तक विराट! अभी नहीं मुकुट, अभी नहीं अलंकार! अभी नहीं तिलक, अभी नहीं राज्य-भार! एक दिन माथे मेरे, सूर्य होगा उदीय, इतना पर्याप्त मुझे अभी! -कुंअर नारायण सिंह "एक्टिंग इज इटरनल जर्नी टु नो द इन्टरनल वर्ल्ड ऑफ़ एन ऐक्टर." -मर्लिन ब्रांडो
Thursday, 17 February 2011
इंसान का भी कोई चरम लक्ष्य होना चाहिए
जब दुनिया में पत्थर का भी कोई मकसद है और फूल का भी, तो इंसान का भी कोई चरम लक्ष्य होना चाहिए। उसके बिना वो पूछ विहीन जानवर है।
चाहने, भूलने और यादों के सफर का नाम है ज़िदगी...
चाहना और भूलना,
भूल कर फिर याद करना,
याद करते हुए भूल जाना फिर,
चाहने, भूलने और यादों के सफर का नाम है ज़िदगी...
Tuesday, 15 February 2011
भोपाली युवा अतिउत्साहित
आरक्षण की शूटिंग में भोपालवासी अति उत्साह दिखा रहे हैं। कई बार प्रोडक्शन यूनिट के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। कुछ लोग तो स्किन ट्रीटमेंट कराकर रोल मांगते देखे जा सकते हैं। ऐसे लोगों में अधिकांश वह है जिन्हें फिल्म और अभिनय का क,ख,ग नहीं पता। आमीन
मिलाद-उन-नबी की सभी को शुभकामनाएं
मिलाद-उन-नबी की सभी को शुभकामनाएं, बसंत का पर्व चल रहा है। सृष्टि, प्रतिक्षण, क्रियाशील और परिवर्तनशील है। मनुष्य को भी अपने कर्म और स्वभाव में प्रकृति को अनुसरण करना चाहिए।
Monday, 14 February 2011
यही है मेरा भारत महान
सारी प्रगति के बाद भी भारतीय समाज महिलाओं के प्रति दिनों दिन क्रूर और असहिष्णु होता जा रहा है। कहने को तो हम नारी को देवी का दर्जा देते हैं पर व्यवहार ढोरों के समान करते हैं। कहां है हमारी 5 हजार वर्ष पुरानी संस्कृति और सभ्यता। सड़कों पर तो भिखारी, कचरा, थूकते हुए लोग और कचौरी समोसा में पूरी दुनिया की समस्याएं हल करते लोग। यही है मेरा भारत महान। मकतूब
आरक्षण
आरक्षण की शूटिंग हो गई। अच्छा अनुभव था। दीपिका और प्रतीक के साथ दृश्य था। दीपिका ज्यादा प्रोफेशनल लगी। प्रकाश झा एक निर्देशक के रूप में तकनीक पर कमाल की पकड़ रखते हैं। माहौल भी बहुत अनुशासित। कुल मिलाकर शानदार अनुभव।
Wednesday, 9 February 2011
मकतूब
27 फरवरी को ओरछा में चन्द्रषेखर आज़ाद का शो है, भोपाल में कल से तैयारियां शुरू
आज सुबह प्रकाश झा से मुलाकात हुई, कल मेरा आरक्षण में शूट है, आज सीन पर चर्चा हुई।
दोपहर बाद एक रेडिया रिकॉर्डिंग है, अभी यूनिवर्सिटी जा रहा हूं, जीवन, सृजनषील और व्यस्त रहना चाहिए, तभी जीवन की सार्थकता है। मकतूब
Monday, 7 February 2011
Sunday, 6 February 2011
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