Monday, 14 February 2011

यही है मेरा भारत महान


सारी प्रगति के बाद भी भारतीय समाज महिलाओं के प्रति दिनों दिन क्रूर और असहिष्णु होता जा रहा है। कहने को तो हम नारी को देवी का दर्जा देते हैं पर व्यवहार ढोरों के समान करते हैं। कहां है हमारी 5 हजार वर्ष पुरानी संस्कृति और सभ्यता। सड़कों पर तो भिखारी, कचरा, थूकते हुए लोग और कचौरी समोसा में पूरी दुनिया की समस्याएं हल करते लोग। यही है मेरा भारत महान। मकतूब

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