Sunday, 13 December 2009

बच्चों, तुम कितने समझदार हो

बच्चों, तुम कितने समझदार हो
कितने प्यारे हो

तुम बच्चों ने Sound of Music में रंग भरे
भगत कि गत बनाई
बच्चों तुमने एम्फी थियेटर में
कला के सच्चे रंग बिखेरे

Recorded Track पर तुमने
अभिनय किया यूँ,
कि पारंगत अभिनेता भी
चकरा जाये
चकमा खा जाये

बच्चों तुम्हारा आभारी हूँ
हमेशा के लिए
मेरे जीवन में यूँ ही बने रहना
संस्कार वैली के बच्चों
तुम्हारा जीवन शुभ हो

तुम खुशियों के आसमान नापों
सृजन के नए शिखर छुओ
सच्चे उत्तराधिकारी बनो
भारतीय मानव समाज के

शुभकामनाओ के साथ
तुम्हारा आलोक अंकल

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