Thursday, 18 November 2010

सनी - यात्रा पर अग्रसर

सनी बड़ौदा की अण्डर 20 की टीम में आ गया है। प्रीमियर लींग में बढ़िया पर्फोम कर रहा है। अब रणजी में फिर, आईपीएल और फिर टीम इण्डिया, इस यात्रा पर अग्रसर मकतू
जीवन सुन्दर है।

देवउठनी ग्यारस और ईद भी बहुत अच्छा,

देवउठनी ग्यारस और ईद भी बहुत अच्छा, मैं मौत के साय में का शो करके सफलतापूर्वक भोपाल वापस आय़ा। 

सनी का बर्थडे बहुत अहम

इस बार भी दीवाली और 13 नवम्बर को मेरे बेटे सनी का बर्थडे बहुत अहम रहा। 4 साल बाद पूरा परिवार साथ में था। बातें, खाना, पार्टी, पूजा सब साथ। सच अद्भुत।

Wednesday, 10 November 2010

जय रंगमंच

भोपाल लौटा हूं, दो दिन हुए, फिर मुम्बई और पूना। ‘मौत के साये’ में का शो है। फ्लाइट पकड़नी है। भोपाल लौटकर ताम्रपत्र की रिहर्सल में जुटना है। आदि विद्रोह में शो है। जय रंगमंच

चेखव, इबसन, मिलर सब मंच पर जीवित हो उठे।

पिछले दस दिनों से लखनऊ में था, भारतेन्दू नाट्य अकादमी में काम कर रहा था, सुबह 7 से रात 1 बजे तक काम ही काम, इससे अच्छा और क्या हो सकता है।

बीएनए द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ वेस्टर्न रियलिस्टीक वर्क, 2 घंटे का प्रजेन्टेशन ऑडिटेरियम में किया, चेखव, इबसन, मिलर सब मंच पर जीवित हो उठे।


लखनऊ के पास देवा शरीफ गया, सूफी संत वारिश शाह की दरगाह वहां है, बड़ा अच्छा लगा

Monday, 18 October 2010

फिल्म एक्टर्स के साथ नया अनुभव

आज मुम्बई जा रहा हूं, कल से नाटक की ब्लाकिंग शुरु करनी है। फिल्म एक्टर्स के साथ नया अनुभव।

भद्रजन हर कहीं गंदगी और कचरा फैलाने में मशगूल

मैंने कई बार पाया कि हम भारतीय भद्रजन हर कहीं गंदगी और कचरा फैलाने में मशगूल हैं, यह अहसास पिछले दिनों और अधिक पुख्ता हो गया जब बौद्ध (गया) मंदिर में मैंने देखा वहां एक सज्जन हाथ से झाडू लगा रहे थे और दूसरे हाथ से प्रसाद बांट रहे थे। कुछ लोग थूकने में व्यस्त थे। इन सबके बीच राष्ट्रीय समुदाय के पर्यटक अचंभित होकर देख रहे थे कि इस समाज में बुद्ध कहां से आए होंगे या शायद इस समाज के लिए ही बुद्ध का जन्म हुआ हो। नमो: बुद्धाय