ओ! मस्तक विराट! अभी नहीं मुकुट, अभी नहीं अलंकार! अभी नहीं तिलक, अभी नहीं राज्य-भार! एक दिन माथे मेरे, सूर्य होगा उदीय, इतना पर्याप्त मुझे अभी! -कुंअर नारायण सिंह "एक्टिंग इज इटरनल जर्नी टु नो द इन्टरनल वर्ल्ड ऑफ़ एन ऐक्टर." -मर्लिन ब्रांडो
Saturday, 28 November 2009
शहीदों के नाम ये पाती ...
आज 26 नवम्बर है.
एक वर्ष हो गए,
"मुंबई ताज" पर आतंकवादी हमले को.
उन शहीदों के नाम ये पाती ...
तुम न होते तो क्या होता?
तुम आये देवदूत बन
सबने देखा तुम्हें हेलीकाप्टर से उतरते
हवा में रस्सी से लटकते हुए
तुमने आपना खून दिया
तुमने अपने परिवार को छोड़ा
दुसरो को बचाया
खुद न डरते हुए - रक्त आरक्त शरीर लिए
डरे हुए को संभाला
तुम ईश्वर के भेजे दूत हो
आये हो हम पापियों कि रक्षा करने
सभी शहीदों को प्रणाम
एवं उनके परिवारों को जय हिंद
दोस्त आलोक
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