ओ! मस्तक विराट! अभी नहीं मुकुट, अभी नहीं अलंकार! अभी नहीं तिलक, अभी नहीं राज्य-भार! एक दिन माथे मेरे, सूर्य होगा उदीय, इतना पर्याप्त मुझे अभी! -कुंअर नारायण सिंह "एक्टिंग इज इटरनल जर्नी टु नो द इन्टरनल वर्ल्ड ऑफ़ एन ऐक्टर." -मर्लिन ब्रांडो
Tuesday, 17 November 2009
राहुल है सच्ची दीवार
राहुल द्रविड़ एक शांत गंभीर शर्मीले व्यक्ति है,
लेकिन क्रिकेट के मैदान में वे एक अभेद दीवार है..
जिन्हें भेदना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के लिए एक कठिन चुनौती है ..
सात माह बाद न्यूजीलैंड दौरे के पश्चात् कल उन्होंने सत्ताईसवां टेस्ट शतक जमाया,
वो भी ३२ पर चार विकेट गिरने के बाद दृश्यता और संकल्प को दर्शाता है ..
साथ ही वे ग्यारह हजारी रन बनाने वाले विश्व क्रिकेट के पांचवे बल्लेबाज बन गए है ..
वे इसी तरह देश कि सेवा करते रहे ....
इसी कामना के साथ द्रविड़ को सारे देशवासियों के साथ मेरी भी बधाई...
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